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शुक्रवार, सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन का योग आज:महालक्ष्मी, भगवान विष्णु और बाल गोपार का करें अभिषेक, शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाकर करें पूजा, दूध का करें दान

आज (शुक्रवार, 28 अगस्त) सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन है। आज चंद्र ग्रहण भी है, लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इस कारण इसका सूतक भी नहीं रहेगा। आज भद्रा भी नहीं है, इसलिए पूरे दिन पूर्णिमा और रक्षा बंधन से जुड़े सभी धर्म-कर्म बिना किसी बाधा के किए जा सकेंगे।

शुक्रवार और सावन पूर्णिमा के योग में कौन-कौन से शुभ काम करें…

  • पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान करते समय गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा जैसी पवित्र नदियों का ध्यान करें। ऐसा करने से घर पर ही तीर्थ स्नान के समान पुण्य मिल सकता है।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाएं। भगवान शिव, माता पार्वती और अपने इष्ट देव की पूजा करें। शिवलिंग पर स्वच्छ जल और दूध अर्पित करें। इसके बाद बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, फल, धन, जूते-चप्पल का दान करें। भगवान शिव को जल अर्पित करते समय मन को शांत रखें पूजा में ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ भी कर सकते हैं।
  • शुक्रवार और सावन पूर्णिमा के योग में महालक्ष्मी और भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इसके लिए दक्षिणावर्ती शंख में जल भरें और फिर भगवान को चढ़ाएं। जल के बाद केसर मिश्रित दूध से भी अभिषेक करें। इसके बाद जल से फिर अभिषेक करें। भगवान का नए वस्त्र और हार-फूल से श्रृंगार करें। चंदन, कुमकुम से तिलक लगाएं। चावल, अबीर, गुलाल आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं। माखन-मिश्री, मिठाई का भोग तुलसी के साथ लगाएं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें।
  • नौ ग्रहों में से एक शुक्र ग्रह की भी पूजा करें। शुक्र ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। इसलिए शिव जी का अभिषेक करें और ऊँ शुक्राय नम: मंत्र का जप करें। दूध और दूध से बनी मिठाई का दान करें।
  • रक्षाबंधन पर परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पूजा करेंगे तो बहुत शुभ रहेगा। पूजा के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए। परिवार के सदस्यों को रक्षा सूत्र बांधें। अपने इष्टदेव को भी रक्षा सूत्र अर्पित करें।
  • हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं और सुंदरकांड के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। समय अभाव हो, तो सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। आप चाहें तो रां रामाय नम: और श्रीरामदूताय नम: मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
  • घर में विराजित बाल गोपाल का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। बाल गोपाल को नए वस्त्र और हार-फूल से श्रृंगार करें। केसर-चंदन का तिलक लगाएं, इत्र लगाएं। कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जप करें। माखन-मिश्री का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें।

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