बेंगलुरु पुलिस ने शहर में अवैध रूप से रह रहे 31 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने के लिए पश्चिम बंगाल भेजा है। इन सभी को अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के 10 पुलिस थानों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हिरासत में लिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, अब पश्चिम बंगाल के अधिकारी जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन लोगों को बांग्लादेश वापस भेजेंगे। ये सभी बांग्लादेश के खुलना जिले के बागेरहाट के रहने वाले हैं और माना जा रहा है कि उन्होंने अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था।
29 जगहों पर हुई कार्रवाई में पुलिस ने 1,909 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया था। बाकी 1,894 संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। उनके वीजा, पासपोर्ट और नागरिकता से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि नए चुने गए राज्य बार काउंसिल वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) का पुनर्गठन किया जाएगा। कोर्ट BCI चेयरपर्सन पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा के बने रहने और उनका कार्यकाल 2030 तक बढ़ाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना शामिल थे। बेंच ने संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को राज्य बार काउंसिल में महिलाओं की लंबित सहयोजना दो हफ्ते में पूरी करने का निर्देश दिया।
इसके बाद राज्य बार काउंसिल को एक हफ्ते में अपनी अंतिम संरचना की सूचना देनी होगी। इसके दो हफ्ते के अंदर उन्हें एडवोकेट्स एक्ट की धारा 4(1)(c) के तहत बाकी वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
